उत्तरकाशी के काशी विश्वनाथ मंदिर भक्तों ने खेली भस्म की होली
Dehradun: काशी विश्वनाथ मंदिर में एक अनूठी होली खेली गई। इसमें शिव भक्त एक-दूसरे पर भस्म लगाकर नाचते झूमते नजर आए। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु व पर्यटक शामिल हुए। इस दौरान होली गीतों पर श्रद्धालु व पर्यटक जमकर झूमें। वहीं, महिलाओं ने रासो-तांदी नृत्य के साथ भस्म की होली खेली। साथ ही मंदिर में वर्षभर होने वाले हवन की भस्म को स्थानीय निवासी एक-दूसरे पर लगाने के साथ ही प्रसाद के रूप में घर ले गए।
होली से पूर्व सोमवार को काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में सुबह की आरती के बाद सबसे पहले स्वयं भू-शिवलिंग पर हवन कुंड व धूनी को भस्म लगाकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच स्वाति वाचन के साथ मंदिर के महंत हवा में भस्म उड़कर भस्म होली की शुरूआत की जिसके बाद उज्जेन के महाकाल की तर्ज पर भस्म होली खेली गई।
इसके साथ ही श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को भस्म लगाकर होली खेली। साथ ही श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों पर जमकर नृत्य किया। काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत अजय पुरी ने बताया कि पारंपरिक त्योहार के संरक्षण व संवर्धन के लिए यहां करीब पिछले दस वर्षों से भस्म होली खेली जा रही है।
सालभर में लोग अपने दुखों, तकलीफों को दूर करने के लिए आहुतियां देते हैं। उसी की राख को वहां भगवान के प्रसाद के रूप में लगाकर भस्म होली खेली जाती है। वहीं, गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि बाबा काशी विश्वनाथ की धरती से भव्य व दिव्य भस्म होली के साथ रंगोत्सव की शुरूआत हुई। इस मौके पर पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष सुधा गुप्ता, दिनेश गौड़, सुरेंद्र गंगाड़ी, शैलेंद्र मटूडा, रमेश चौहान आदि मौजूद रहे।
