प्रदेश में पहली बार श्रम बल सर्वे शुरू, रोजगार व बेरोजगारी आंकड़ों का होगा सटीक आकलन
Dehradun: केंद्र सरकार वर्ष 2017 से आवधिक श्रम बल सर्वे का संचालन कर रही है, जबकि राज्य सरकार की ओर से पहली बार सभी जनपदों में सर्वे किया जा रहा है।
उत्तराखंड में पहली बार श्रम बल सर्वे शुरू किया गया है। इस सर्वे से प्रदेश में रोजगार व बेरोजगारी आंकड़ों का सटीक आकलन किया जा सकेगा। अर्थ एवं संख्या निदेशालय ने आईआरडीटी सभागार में आवधिक श्रम बल सर्वे के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। यह सर्वेक्षण केंद्र सरकार के सांख्यिकी कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन मंत्रालय की सामाजिक-आर्थिक इकाई के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
केंद्र सरकार वर्ष 2017 से आवधिक श्रम बल सर्वे का संचालन कर रही है, जबकि राज्य सरकार की ओर से पहली बार सभी जनपदों में सर्वे किया जा रहा है। यह सर्वेक्षण राज्य के ग्रामीण एवं नगरीय दोनों क्षेत्रों में संचालित होगा और इसे अर्थ एवं संख्या विभाग के जिला व विकासखंड स्तर के कर्मचारियों के माध्यम से किया जाएगा।
अर्थ एवं संख्या के निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि सर्वे का मुख्य उद्देश्य राज्य में श्रम बल भागीदारी दर व बेरोजगारी दर का आकलन करना है। इसके माध्यम से रोजगार की वास्तविक स्थिति का व्यापक विश्लेषण संभव हो सकेगा। इसके साथ ही संगठित व असंगठित क्षेत्रों में रोजगार से होने वाली आय का भी निर्धारण किया जा सकेगा। उन्होंने आंकड़ों का संकलन में सावधानी व पारदर्शिता बरतने को कहा, जिससे राज्य की विकास योजनाओं के लिए विश्वसनीय आधार तैयार हो सके।
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक डॉ. दिनेश बडोनी, चित्रा, डॉ. ईला पंत बिष्ट, उप निदेशक निर्मल कुमार शाह व ललित मोहन जोशी, अर्थ एवं संख्याधिकारी अशोक कुमार, अपर सांख्यिकी अधिकारी नरेंद्र सिंह के अलावा सभी जिलों व विकासखंडों के सहायक संख्याधिकारी मौजूद रहे।
