अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं उत्तराखंड आऊं और फौज की बात न हो तो बात अधूरी रहती है। गढ़ी कैंट, शहीद जसवंत सिंह रावत के शौर्य को देश कभी भुला नहीं सकता। वन रैंक वन पेंशन के माध्यम से हमने करीब सवा लाख करोड़ खर्च किये। 70 वर्ष और इससे अधिक के एक्स सर्विसमैन को दवाओं की होम डिलीवरी शुरू की है। देशभक्ति, देव भक्ति और प्रगति के हर आयाम को जोड़ते हुए हमें आगे बढ़ना है। देवभूमि के लोगों के एक बार फिर प्रणाम कर पीएम मोदी ने अपना संबोधन खत्म किया।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन की अपील
पीएम मोदी ने कहा कि 16 अप्रैल से संसद में विशेष चर्चा होगी। सभी राजनीतिक दल नारी शक्ति वंदन बिल को मिलकर इसे आगे बढ़ाएं। कहा कि मैंने आज देश की सभी बहनों के नाम एक खुला पत्र लिखा है। बड़े आग्रह के साथ देश की माताओं और बहनों को इस कार्य में शामिल होने का आह्वान किया है। मैं आज देवभूमि से देश के सभी दलों से फिर अपील करूंगा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में समर्थन करें।
प्रधानमंत्री ने किया नंदा देवी राजजात का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में मां नंदा राजजात का जिक्र भी किया। मां नंदा को प्रणाम किया और देश की बहन-बेटियों के लिए संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया कई बड़े संकटों से गुजर रही है, ऐसे में सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। पीएम मोदी ने कहा कि लंबे इंतजार के बाद संसद ने नारी शक्ति वंदन बिल पास किया है, जो महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का अधिकार देता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस अधिकार को लागू करने में देरी नहीं होनी चाहिए। 2029 के लोकसभा चुनाव और उसके बाद होने वाले चुनावों से ही इस व्यवस्था को लागू किया जाना चाहिए, ताकि महिलाओं की भागीदारी देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में और मजबूत हो सके।
हरिद्वार कुंभ को दिव्य, भव्य बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे
पीएम मोदी ने अपने 2023 के आदि कैलाश दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि इसके बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2025 में करीब 40 हजार श्रद्धालु वहां पहुंचे। इसी तरह 2024 में शीतकालीन चारधाम यात्रा में 80 हजार श्रद्धालु आए, जो 2025 में बढ़कर 4 लाख से अधिक हो गए। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार प्रगति, प्रकृति और संस्कृति की त्रिवेणी के साथ विकास कर रही है। उन्होंने बताया कि इस एक्सप्रेसवे पर करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है। अंत में प्रधानमंत्री ने पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से देवभूमि की पवित्रता बनाए रखने और स्वच्छता का ध्यान रखने की अपील की। साथ ही कहा कि अगले साल हरिद्वार में होने वाले कुंभ को दिव्य, भव्य और स्वच्छ बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
21वीं सदी का भारत बना रहा विकास की नई भाग्य रेखाएं
देहरादून में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है, जो पहले अकल्पनीय था। अमृतसर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर समेत कई बड़े प्रोजेक्ट प्रगति के नए द्वार खोल रहे हैं, जिनसे लोगों की उम्मीदें जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से समय की बचत होगी, यात्रा सस्ती होगी और किराया-भाड़ा कम खर्च होगा। साथ ही हजारों श्रमिकों को रोजगार मिला है और इंजीनियरों सहित कई क्षेत्रों को इसका लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के पर्यटन को इससे बड़ा फायदा होगा। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम यात्रा के लिए यह इंफ्रास्ट्रक्चर अहम साबित होगा। राज्य विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्ट्स और वेड इन इंडिया के लिए तेजी से उभर रहा है, वहीं शीतकालीन धार्मिक यात्राओं में भी लगातार वृद्धि हो रही है।