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पर्यटन आधारित स्वरोजगार को मिलेगा नया प्रोत्साहन, वाहन व होमस्टे के 22 आवेदनों पर हुई समीक्षा

पौड़ी- जनपद में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शनिवार को जिला सभागार स्थित एनआईसी कक्ष में वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना एवं दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास (होमस्टे) योजना की जनपद स्तरीय चयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने की।

बैठक में पर्यटन विभाग के माध्यम से प्राप्त 22 आवेदनों पर विस्तार से विचार किया गया। जिलाधिकारी ने सभी आवेदनों की समीक्षा करते हुए पात्र आवेदनों पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार की स्वरोजगार योजनाएं केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आवेदन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए ताकि लाभार्थियों को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने वाहन एवं होमस्टे मद के आवेदकों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनके व्यवसायिक प्रस्तावों, पर्यटन क्षेत्र में उनकी संभावनाओं तथा भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आवेदकों को सलाह दी कि वे पर्यटन क्षेत्र में गुणवत्ता, स्वच्छता, बेहतर आतिथ्य सेवाओं तथा नवीन प्रयोगों पर विशेष ध्यान दें, जिससे उनके व्यवसाय को दीर्घकालिक सफलता मिल सके।

बैठक में बैंकिंग प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन आवेदकों द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं, उनके मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बैंक और विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को गति दी जाए। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवेदकों को आवश्यक परामर्श एवं सहयोग भी उपलब्ध कराया जाए।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों, बैंक अधिकारियों एवं समिति के सदस्यों को निर्देश दिए कि प्रस्तुत आवेदनों की जांच एवं स्वीकृति प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करते हुए एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने आवेदकों से कहा कि वे अपने सभी अभिलेख समय पर पूर्ण कर संबंधित विभाग एवं बैंकों को उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों की कमी के कारण किसी भी पात्र लाभार्थी का मामला लंबित नहीं रहना चाहिए।

बैठक में होमस्टे आवेदनों से जुड़े नक्शों एवं अन्य तकनीकी औपचारिकताओं पर भी चर्चा की गयी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित नक्शों के कारण किसी भी आवेदन की स्वीकृति में अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने जिला पंचायत को आवश्यक चेकलिस्ट एवं अन्य विवरण समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि आवेदकों को प्रक्रियागत जानकारी आसानी से मिल सके। साथ ही जिन आवेदकों के भवन नक्शे निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं, उन्हें आवश्यक संशोधन कर शीघ्र पर्यटन विभाग को प्रस्तुत करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यटन आधारित स्वरोजगार योजनाएं जनपद के युवाओं के लिए रोजगार का मजबूत माध्यम बन सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को इन योजनाओं से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए तथा आवेदन प्रक्रिया में उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, एआरटीओ एन.के. ओझा, एलडीएम किशन रावत, जिला पंचायत से मनोज भंडारी एवं सचिन भंडारी, यूनियन बैंक से प्रभाकर भट्ट, पंजाब नेशनल बैंक से अंकुर रावत, सहकारी बैंक से रेणुका रावत सहित विभिन्न विभागों एवं बैंकों के अधिकारी तथा आवेदक उपस्थित रहे।

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