नैनीताल: नैनीताल के ज्योलिकोट में दूषित पेयजल से मौत मामले पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन नाराज हैं। उन्होंने समीक्षा बैठक में घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए पेयजल की गुणवत्ता एवं जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर विषय है कि मजबूत फील्ड नेटवर्क के बावजूद ज्योलिकोट में दूषित पेयजल की स्थिति की जानकारी समय पर प्राप्त नहीं हो सकी। शिक्षक, पटवारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, ट्यूबवेल ऑपरेटर सहित बड़ी संख्या में फील्ड स्तर के कार्मिकों का नेटवर्क हमारे पास है। इस नेटवर्क का प्रभावी उपयोग करते हुए सूचना एवं फीडबैक तंत्र विकसित किया जाए।
मुख्य सचिव ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एसटीपी, सरफेस वाटर के साथ ही प्रमुख शहरों में नियमित पेयजल की गुणवत्ता परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश में सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का सरप्राइज निरीक्षण भी कराए जाने के निर्देश दिए।