कोटद्वार : अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत निर्माणाधीन कोटद्वार रेलवे स्टेशन के डिस्प्ले बोर्ड से उर्दू भाषा को हटाकर संस्कृत को स्थान दिया गया है। अब कोटद्वार जन-जन के बीच कोटद्वारम् नाम से पहचाना जाएगा।
ब्रिटिश सरकार के राज में 19वीं सदी के आखिर में कोटद्वार रेलवे स्टेशन अस्तित्व में आया था। आजादी के बाद से अब तक रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म पर लगे डिस्प्ले बोर्ड पर तीन भाषाओं हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी में रेलवे स्टेशन के नाम को पढ़ा व पहचाना जाता था। इसमें सबसे ऊपर हिंदी, नीचे बाईं ओर अंग्रेजी और दाईं ओर उर्दू में नाम लिखा जाता था।
इसमें से उर्दू भाषा को अब हटा दिया गया है। अब जो नए लुक में नया डिस्प्ले बोर्ड लगाया गया है। उस पर सबसे ऊपर हिंदी, फिर अंग्रेजी और फिर संस्कृत भाषा को स्थान दिया गया है। वहीं रेलवे भवन के मुख्य द्वार के ऊपरी हिस्से में इलेक्टि्रक डिजिटल बोर्ड पर केवल हिंदी और अंग्रेजी भाषा का प्रयोग किया गया है। देहरादून, ऋषिकेश, कोटद्वार के बाद अब चर्चा है कि आगामी कुछ समय में उत्तराखंड के सभी रेलवे स्टेशनों का नाम अब हिंदी, अंग्रेजी के साथ संस्कृत भाषा में भी पढ़ा जाएगा।