Dehradun: उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) ने केदारनाथ धाम में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ और निर्बाध बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। आयोग ने सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक मौजूदा क्षतिग्रस्त 11 केवी भूमिगत लाइन को 33 केवी डबल सर्किट ओवरहेड लाइन में बदलने के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है।
इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 11.12 करोड़ रुपये है, जिसे यूपीसीएल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने पहले ही मंजूरी दे दी है। प्रोजेक्ट के लिए 70 प्रतिशत राशि ऋण (आरईसी लिमिटेड से) और 30 प्रतिशत राशि राज्य सरकार की इक्विटी के माध्यम से जुटाई जाएगी। सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक लगभग 10.40 किलोमीटर लंबी भूमिगत लाइन को ओवरहेड लाटिस टॉवर लाइन में बदला जाएगा।
यह अपग्रेडेशन केवल अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी प्रकृति का है, जो केदारनाथ धाम में प्रस्तावित 33/11 केवी सब-स्टेशन और आगामी रोपवे प्रोजेक्ट की बिजली जरूरतों को पूरा करेगा। यूईआरसी ने बिना पूर्व अनुमति के टेंडर प्रक्रिया और कार्य शुरू करने पर यूपीसीएल को कड़ी चेतावनी दी है लेकिन केदारनाथ यात्रा की महत्ता को देखते हुए इस प्रोजेक्ट को पोस्ट-फैक्टो (कार्योत्तर) मंजूरी प्रदान की है। इसके साथ ही आयोग ने सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के नियमों (जैसे 250 मीटर की स्पैन सीमा) का कड़ाई से पालन करने और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।