Wed. Jun 24th, 2026

पर्वतीय क्षेत्रों में एक जुलाई से मिलेगा तीन माह का अग्रिम राशन

Dehradun: राज्य सरकार ने आगामी मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में खाद्यान्न आपूर्ति की विशेष व्यवस्था की गई है। एक जुलाई से इन क्षेत्रों में तीन महीने का राशन एक साथ वितरित होगा।

बरसात के मौसम में अक्सर रास्ते बंद होने से संपर्क टूटने की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अग्रिम वितरण किया जा रहा है। शासन से मिली जानकारी के अनुसार, पर्वतीय जनपदों के सुदूर और बेहद दुर्गम क्षेत्रों के सरकारी गोदामों में तीन महीने का खाद्यान्न पहले ही पहुंचा दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि सड़कें बंद होती हैं, तब भी आम जनता को राशन के लिए परेशानी न हो।

परिवहन व्यवस्था बाधित होने पर भी आपूर्ति सुचारु रहेगी। चारधाम यात्रा मार्ग से जुड़े जनपदों में खाद्यान्न आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इन मार्गों पर स्थित गोदामों में शत-प्रतिशत राशन की आपूर्ति पूरी कर ली गई है। विभाग ने सभी जिला आपूर्ति अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। उन्हें राशन की उपलब्धता और वितरण प्रणाली पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखनी होगी।

अपर आयुक्त खाद्य पीएस पांगती ने बताया कि मानसून को देखते हुए पर्वतीय जनपदों में जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का राशन समय से भेजने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो गई थी। उन्होंने कहा कि सभी खाद्यान्न गोदामों में तीन माह का राशन पहुंच चुका है। एक जुलाई से राशन डीलरों के माध्यम से इसका वितरण प्रारंभ होगा। जुलाई माह के दौरान ही तीनों महीनों का राशन उपभोक्ताओं को वितरित किया जाएगा। यह वितरण समयबद्ध तरीके से होगा।

अतिरिक्त खाद्यान्न भंडार रहेगा सुरक्षित

अपर आयुक्त खाद्य पीएस पांगती के मुताबिक किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए गोदामों में अतिरिक्त खाद्यान्न भंडार सुरक्षित रखने को कहा गया है। यह बफर स्टॉक के रूप में काम करेगा। इससे मानसून के दौरान खाद्यान्न आपूर्ति पूरी तरह सुचारु बनी रहेगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी उपभोक्ता वंचित न रहे।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *