महिला आरक्षण बिल के विरोध को लेकर विपक्ष पर जड़े आरोप
Dehradun: हम देश की नारी को विश्वास दिलाते हैं, उनका अधिकार अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सबका साथ, सबका विकास के मूल मंत्र पर चलते हुए, आधी आबादी को उनका पूरा हक प्रदान करने का प्रयास किया ताकि मातृशक्ति विकसित भारत के निर्माण में अपनी पूरी क्षमता से योगदान दे सके। जिस तरह विधेयक के सदन में गिरने पर कांग्रेस समेत विपक्ष ने जश्न मनाया, उससे ऐसा लगा कि जैसे उन्होंने मातृशक्ति को हरा दिया हो। जबकि इतिहास साक्षी है कि मातृशक्ति कभी हारती नहीं है।
16 और 17 अप्रैल को संसद में हुई चर्चा केवल कुछ विधेयकों तक सीमित नहीं थी। यह देश की आधी आबादी को नीति-निर्माण में समान भागीदारी देने का एक महत्वपूर्ण अवसर था, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके ने इस ऐतिहासिक अवसर का भी विरोध किया। विपक्ष ने सकारात्मक भूमिका निभाने के बजाय राजनीतिक स्वार्थ को प्राथमिकता दी। देशहित से ऊपर दलगत सोच को रखा।
