Tue. Sep 29th, 2026

सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध की अफवाहें निराधार

Dehradun: संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा, बदरीनाथ धाम परिसर में आयोजित एक उत्सव के संगीत वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। धाम में संगीत, नृत्य या सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिबंधित होने की बात सरासर गलत और तथ्यहीन है। बदरीनाथ मंदिर के अंदर शंख बजाना वर्जित है, क्योंकि वह हड्डी का बना होता है। मंदिर परिसर के बाहर शंख बजाने पर किसी भी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं है। वहीं, चारधाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने संस्कृति मंत्री के इस बयान की कड़ी निंदा की है।

महाराज ने बताया कि बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने पर भारतीय सेना का बैंड धार्मिक धुनें और मंगल संगीत प्रस्तुत करता है। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदरीनाथ धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि उर्वशी पीठ भी है। यहां संगीत के माध्यम से ही ईश्वर की आराधना और स्तुति की जाती है। संगीत यहां की आध्यात्मिक और वैदिक परंपरा का अभिन्न अंग रहा है, इस पर कोई प्रतिबंध नहीं है। माणा गांव में वैवाहिक कार्यक्रमों में भी पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं। यह हमारी सनातन संस्कृति का हिस्सा है।

महाराज ने कहा, पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भी बदरीनाथ धाम में अनेक अवसरों पर ऐसे धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। इसलिए, यह कहना कि बदरीनाथ में सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं हो सकते, पूरी तरह से निराधार है। महाराज ने प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने देवभूमि की गरिमा बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, सरकार चारधामों की पवित्रता, परंपरा और मर्यादा को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसमें केदारनाथ सहित अन्य धाम भी शामिल हैं।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *