Thu. Jun 20th, 2024

डीएम की अध्यक्षता में फील्ड टेस्ट किट प्रशिक्षण प्रयोगशाला का आयोजन 

 प्रशिक्षण प्रयोगशाला में चार एनजीओ के उपस्थित न रहने पर जताई नाराजगी
 ईई जल संस्थान को दिये अनुपस्थित एनजीओ के अग्रिम भुगतान रोकने के निर्देश
नई टिहरी। जल जीवन मिशन के अंतर्गत फील्ड टेस्ट किट प्रशिक्षण की एक दिवसीय प्रयोगशाला का आयोजन जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जिला सभागार में सम्पन्न हुआ।उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के कार्यो में खानापूर्ति न हो। प्रशिक्षण प्रयोगशाला में चार एनजीओ के उपस्थित न रहने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए ईई जल संस्थान को अनुपस्थित एनजीओ के अग्रिम भुगतान रोकने के निर्देश दिये। डीएम ने स्पष्ट किया कि संस्थाओ द्वारा किये गए कार्यो का गठित टीमो द्वारा स्थलीय निरीक्षण भी किया जाएगा।
शुक्रवार को जल संस्थान विभाग की ओर से आयोजित एक दिवसीय एफटीके प्रयोगशाला में 20 में से 16 एनजीओ उपस्थित हुए।चार एनजीओ की अनुपस्थिति को लेकर डीएम ने  नाराजगी प्रकट करते हुए अधिशासी अभियंता जल संस्थान सतीश चन्द्र नौटियाल को तत्काल चारों एनजीओ के कार्यादेश स्थगित करने के साथ ही अग्रिम भुगतान रोकने के निर्देश दिए है। कहा कि जल के संरक्षण के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता का होना भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड हिमालयी राज्य होने के नाते इस क्षेत्र में जल का संरक्षण और संवर्द्धन पर गंभीरता से कार्य होना चाहिये। ताकि हिमालयी क्षेत्रो से निकलने वाली जीवनदायी नदियों में निरंतर पानी बहता रहे। प्रयोगशाला में जल जीवन मिशन की सहयोगी संस्थाओ को पानी की गुणवत्ता मापने की दस पद्धतियों (पैरामीटर) के बारे में प्रयोगात्मक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण प्राप्त कर ये संस्थाए ग्राम स्तर पर गठित पांच महिला सदस्यों को पानी की गुणवत्ता मापने का प्रशिक्षण देंगी।
जल जीवन मिशन के दूसरे चरण में पानी की गुणवत्ता को मापने के लिए प्रत्येक राजस्व ग्राम में गठित महिला समिति को एक-एक फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) उपलब्ध कराई जाएगी। जिसके माध्यम से महिलाएं अपने गांव के पेयजल की गुणवत्ता मापकर उसकी रिपोर्ट जेजेएम पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। प्रयोगशाला में जल की गुणवत्ता मापने के दस पैरामीटर जिमसें पानी की कठोरता, अम्बलीयता, क्षारीयता, क्लोराइड, क्लोरीन, लौहतत्व, नाइट्रेट, फ्लोराइड, बेक्टिरिया आदि के बारे में विस्तृत एवं प्रयोगात्मक जानकारी जेजेएम की सहयोगी संस्थाओं को दी गई। कार्यक्रम में जल संस्थान की लैब कैमिस्ट पिंकी तोपवाल के अलावा जेजेएम की सहयोगी संस्थाओ के टीम लीडर व ग्रामीण महिला सदस्य मौजूद थे।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *