Wed. Jun 19th, 2024

टीईटी परीक्षा का इंटरनेट मीडिया पर वायरल करने वाले गिरोह के तीन आरोपितों को एसटीएफ ने शामली से किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) -2021 में बड़ी सेंधमारी करने वालों पर उत्तर प्रदेश एसटीएफ का शिकंजा कस गया है। पेपर इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के कारण परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है। पेपर वायरल करने के मामले में एसटीएफ ने शामली से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि प्रयागराज से 13 साल्वर को पकड़ा गया है। इनमें आठ बिहार से हैं।

एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि पेपर इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के मामले में प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से हमने अब तक 23 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से परीक्षा पत्र की फोटोकॉपी मिली है। इनमें शामली से पकड़े गए तीन मुख्य आरोपित भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा एक महीने के अंदर फिर से कराई जाएगी।

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा- 2021 (टीईटी) परीक्षा का इंटरनेट मीडिया पर वायरल करने वाले गिरोह के तीन आरोपितों को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने शामली से गिरफ्तार कर लिया है। यहां पर पकड़े गए आरोपितों का सरगना मथुरा का बबलू पेपर लेकर आया था। एसटीएफ ने शामली के रवि पंवार, मनीष उर्फ मोनू और धर्मेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से टीईटी परीक्षा के पेपर की फोटो कापी बरामद की गई है। सीओ एसटीएफ ने बताया कि पकड़े गए आरोपितों ने बताया कि अभ्यर्थितों से तीन से पांच लाख की रकम वसूलने की बात सामने आई। पुलिस तीनों आरोपितों से पूछताछ कर रही है।अब एसटीएफ इनसे पूछताछ कर रही है। पेपर आउट होने के बाद पूरे प्रदेश की परीक्षा स्थगित कर दी गई है।

उत्तर प्रदेश टीईटी 2021 की लिखित परीक्षा में सेंधमारी करने आए लोगों को प्रयागराज से पकड़ा गया है। बिहार के आठ साल्वर सहित 13 लोगों को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने प्रयागराज में गिरफ्तार किया है। सभी से पूछताछ चल रही है। इसका पेपर कहां से और कैसे लीक हुआ इसकी भी छानबीन हो रही है। प्रयागराज में टीईटी की परीक्षा के 183 केन्द्र बनाए गए थे। शनिवार को एसटीएफ को साल्वर गिरोह के सक्रिय होने की भनक लग गई थी। साल्वर की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर छानबीन तेज कर दी गई थी। कई संदिग्ध के मोबाइल नंबर भी सर्विलांस पर लगा दिए गए थे।

रविवार सुबह परीक्षा शुरू होने से पहले एसटीएफ की टीमों ने कई जगह पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इसके बाद छिवकी से आठ, झूंसी से तीन और जार्जटाउन थाना क्षेत्र से दो युवकों हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। इनसे पता चला है कि सभी लोग दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने आए थे। इसमें नैनी के छिवकी इलाके से पकड़े गए आठ साल्वर बिहार के अलग-अलग स्थान के रहने वाले बताए जा रहे हैं। एसटीएफ को अभियुक्तों के पास से इलेक्ट्रानिक उपकरण दूसरे का प्रवेश पत्र और कुछ अन्य शैक्षणिक अभिलेख भी मिले हैं, जिनकी जांच हो रही है। जिन परीक्षा केन्द्र से और उनके बाहर से इन लोगों की गिरफ्तारी की गई है, वहां के प्रबंधन और कुछ अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *