क्लर्क, सफाई निरीक्षक, कर कर्मचारियों को बना दिया निकायों में अधिशासी अधिकारी
Dehradun: शहरी विकास निदेशालय ने नगर निकायों में क्लर्क, सफाई निरीक्षक, कर कर्मचारियों को अधिशासी अधिकारी (ईओ) बना दिया। खास बात ये है कि विभाग के पास 60 ईओ हैं, जिनमें से कई को नगर निगमों में भेज दिया गया है। उनकी जगह खाली हुए पदों पर ये तैनाती बतौर प्रभारी ईओ की गई हैं।
जो पूरे कॅरिअर में नहीं बन सकते, उन्हें सीधे बना दिया ईओ
सफाई निरीक्षक अपने कॅरिअर की सभी पदोन्नति लेने के बाद भी कभी अधिशासी अधिकारी नहीं बन सकते। दूसरी बार, शहरी निकायों में ईओ की भर्ती उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से होती है। लिहाजा, सवाल उठ रहे हैं कि शहरी विकास विभाग ने नियमों का दरकिनार कर सफाई निरीक्षकों को ये जिम्मेदारी सौंप दी। उत्तर प्रदेश के 2017 के आदेश के अनुसार ईओ का प्रभार केवल एसडीएम स्तर के अधिकारी को ही दिया जा सकता है। उत्तराखंड में भी इसका अनुपालन होता रहा है। उत्तराखंड स्थानीय निकाय(केंद्रीकृत) सेवा नियमावली 2019 के तहत ईओ पद पर नियुक्ति पदोन्नति(सात-आठ वर्ष की सेवा या वरिष्ठता) या आयोग के माध्यम से होनी चाहिए।
