Dehradun: भूपतवाला में चाय के खोखे में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिले निठारी कांड में सुप्रीम कोर्ट से बरी सुरेंद्र कोली की शुरुआत में गांव में पहचान सदाराम के नाम से होने की बात सामने आई है। परिवार रजिस्टर और स्कूल के दस्तावेजों में भी सदाराम नाम दर्ज होने का दावा किया गया है।
परिवार की मददगार रहे पूर्व जिला पंचायत सदस्य नारायण रावत ने इसकी पुष्टि की है। उनका कहना है कि गांव से शहर जाने के बाद उसने अपना नाम सुरेंद्र कोली रख लिया था। अब इस कांड में बरी होने के बाद रिहा होकर आधार कार्ड में भी अपना पुराना नाम दर्ज कराने का प्रयास कर रहे थे लेकिन दस्तावेजी जटिलताओं के चलते ऐसा नहीं हो सका।
दो पहचान पत्र सामने आए
18 सितंबर को सप्तसरोवर मार्ग स्थित वैष्णो देवी मंदिर के सामने चाय के खोखे में सुरेंद्र कोली संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिले थे। उनके गले में रस्सी का फंदा कसा हुआ था, जबकि रस्सी का आधा टूटा हिस्सा पंखे से लटका मिला था। पुलिस को उनके बैग से दो पहचान पत्र मिले थे।